गुटखा तंबाकू खाने के नुकसान, जानिए पूरी डिटेल्स में जानकारी।

 आज के समय में गुटखा तंबाकू अपने देश और देश के लोगो को अंदर से खोखला करता जा रहा है। अपना देश भारत में गुटखा तंबाकू का सेवन करने से मरने वालो की तादाद बढ़ती जाती है तकरीबन 3 लाख से ज्यादा लोग रोजाना मरते है। में आपको इस लेखन में गुटखा तंबाकू खाने के नुकसान और उसकी पूरी डिटेल्स में जानकारी देने वाला हु जो आपको गुटखा तंबाकू कैसे छोड़े उसकी भी जानकारी देगा। अपने देश में गुटखा तंबाकू से होने वाले कैंसर से मरने वाले 45% है। इस लिए हमे खुद को और अपने देश को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। तो पहले हम जानेंगे की गुटखा तंबाकू को लोग कैसे खाने लगे।


गुटखा तंबाकू खाने के नुकसान, जानिए पूरी डिटेल्स में जानकारी।


लोगों ने तंबाकू को कब और कैसे खाने लगे।

तंबाकू का विकास पुराने समय से चल रहा है। सबसे पहले तम्बाकू को इस्तेमाल करने वाले नेटिव अमेरिकन है जो उस समय में आदिवासी थे। नेटिव अमेरिकन नॉर्थ अमेरिका में बसते थे। ये लोग तम्बाकू का सेवन तम्बाकू की पत्तियों को सुंग कर और पत्तियों को जलाकर उसका धुआं खींच कर सेवन करते थे।

17वी और 18वी शताब्दी में तम्बाकू तेजी से लोगो की जीवन में आगया। नॉर्थ अमेरिका से बाकी दूसरे देशों में एक्सपोर्ट जोरों से होने लगा। तंबाकू का सेवन सिगरेट की शकल में होने लगा।

19वी शताब्दी में जब सिगरेट से पैसा कमाने जैसा कारोबार होने लगा तो तंबाकू ( tobecco ) की कंपनियां खुलने लगी और इसका कारोबार व्यापार में बदल गया और कंपनियां सिगरेट के पैकिंग करके बेचने लगी।

20वी शताब्दी में तम्बाकू पूरी दुनिया में फेल गया। अभी हाल ही में एक आम आदमी भी तम्बाकू का सेवन करता है। अभी के समय में आम आदमी को तम्बाकू की लत और आदत बन चुकी है क्युकी तम्बाकू से गुटखा और दूसरे कई तरह की प्रोडक्ट्स बनाकर उसका सेवन किया जाता है।


सोपारी (areca nut) खाने के नुकसान

सोपारी का अधिक सेवन करना शरीर को नुकसान पहुंचता है। सोपारी में मौजूद रसायनिक तत्व है जो बीमारी को बढ़ाने का काम करते है।

1. एरिकोलाइन:

सोपारी (areca nut) में मौजूद एरिकोलाईन एक साइकोएक्टिव रसायनिक तत्व है, जो शरीर के कुछ हिस्सों को टारगेट करता है जिससे अस्तमा, तनाव, चक्कर का कारण बनता है। एरिकोलाईन कैंसर को भी बढ़ावा देता है।

2. मुंह और गर्दन का कैंसर:

सोपारी को लंबे समय तक चबा चबा कर खाने से मुंह और गर्दन का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। सोपारी में मौजूद रसायनिक तत्व जो मसूड़ों और गर्दन में चिपक जाते है और उसमे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते है। जिसे मुंह और गर्दन का कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

3. DNA म्यूटेशन:

DNA म्यूटेशन को एरिकोलाईन और दूसरे सोपारी के रसायनिक तत्व DNA के म्यूटेशन को बढ़ाते है। डीएनए म्यूटेशन कैंसर का एक मुख्य कारण है क्युकी ये सीधा साधारण कोशिकाओं और कोशिकाओं के जेनेस पर असर करता है।


तम्बाकू खाने के मुकसान

तम्बाकू का सेवन अलग अलग रूप में किया जाता है जैसे सिगरेट, पान, गुटखा, खैनी वगेरे वगेरे जिसे होने वाले नुकसान नीचे निम्न लिखित है।

1.कैंसर:

तम्बाकू खाने से कैंसर होता है। तम्बाकू से होने वाले कैंसर मुंह का कैंसर, लंग का कैंसर, थ्रोट कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर और ब्लैडर कैंसर ये सभी कैंसर तम्बाकू खाने से होते है।

2.दील की बीमारी:

तम्बाकू खाने से दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। तम्बाकू में पाए जाने वाले पदार्थ दिल की नसों को कमजोर और खराब कर देते है, जिससे हार्ट अटैक, हार्ट फेल और दूसरी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां होती है।

3.मुंह और ओरल प्रॉब्लम्स:

तम्बाकू खाने से मुंह में और ओरल के प्रॉब्लम्स होती है जैसी की गम की बीमारी, ओरल लेकोप्लाकिय जो कैंसर का फर्स्ट स्टेज है। दांतो का कमजोर और सड़ ना।

4. रिप्रोडक्टिव प्रॉब्लम्स:

तम्बाकू खाने से हमारे शरीर में जो चीजे रिप्रोडक्ट होती है जैसे स्पर्म उसके रिलेटेड बीमारियां होती है, जैसे इरेक्टाइल डिस्फक्शन, इनफर्टिलिटी और लो स्पर्म काउंट।


गुटखा तम्बाकू (tobacco) खाने के नुकसान

गुटखा और तम्बाकू दोनो अलग अलग तरीको से खाया जाता है। गुटखा में चुना, सोपारी और तम्बाकू को मिक्स करके खाया जाता है। तम्बाकू का सिगरेट, बीड़ी, पाइप, हुक्का और चुना मिक्स करके तम्बाकू का सेवन किया जाता है। गुटखा और तंबाकू में खास करके सोपारी (areca nut) और तम्बाकू (tobacco) नुकसान देता है। सोपारी और तम्बाकू की अलग अलग जानकारी देने वाला हु आपको तो बने रहिए इस इंपोर्टेंट जानकारी के साथ।

1. गुटखा तंबाकू का सेवन ज्यादा करने से मुंह और गर्दन का कैंसर होता है। कैंसर के अलावा अपने शरीर में नपुंसकता, दिल की बीमारी, सांस की बीमारी और कमजोरी जैसे नुकसान अपने शरीर को होते है।

2. गुटखा और तंबाकू दोनो में निकोटिन होता है। निकोटिन सिर्फ तंबाकू में होता है सोपारी में नहीं। इसी निकोटिन की शरीर को लत लग जाती है जिसे हम तंबाकू के सेवन की लत को छोड़ नही पाते।

3. रोजाना गुटखा तंबाकू का सेवन करने से लेकोप्लाकिया होता है। लेकोप्लकिया एक कैंसर का रूप है जो फर्स्ट स्टेज कैंसर माना जाता है। इसका इलाज समय पर कारवालेना चाहिए क्युकी इसमें से ही कैंसर पैदा होता है।


गुटखा तम्बाकू छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए?

गुटखा या तंबाकू का सेवन छोड़ ना अपने आप में एक चैलेंज है, मगर कोई बात नही में आपको जो टिप्स बतावू उसे फॉलो करके आप इस गुटखा या तंबाकू को छोड़ने में कामयाब होंगे।

1.छोड़ ने की नियत करे:

एक दिन पक्की गुटखा तंबाकू छोड़ने की नियत करे और इस नियत पर डटे रहे। गुटखा तंबाकू छोड़ने की नियत बहुत अच्छा कदम है जो अपनी लाइफ स्टाइल सुधर सकती है।

2. धीरे धीरे कमी करे:

गुटखा या तंबाकू की सेवन को कम करते जाइए। Tapering Off टेकनीक का इस्तेमाल करे। Tapering Off टेक्निक क्या है वो नीचे पूरी डिटेल्स है। गुटका या तंबाकू की मात्रा को हिम्मत करके कम करते जाइए।

3. अपनो का सपोर्ट ले

अपने परिवार का सपोर्ट ले और साथ में अपने दोस्तो रिश्तेदारों का भी सपोर्ट ले। उन सबको अपने इस लत गुटखा तंबाकू छोड़ने की नियत को बताते रहिए जिससे आपको छोड़ने में मदद मिलेगी।

4. गुटखा तंबाकू की प्रोडक्ट्स से बचे

गुटखा या तंबाकू की किसी भी तरह की सभी चीजों से दूरी बनाए रखे। अपने घर में भी कोई गुटखा या तंबाकू का प्रोडक्ट्स न रखे अगर हो तो निकल कर फेंक दे। अपने दोस्तो जो गुटखा तंबाकू का सेवन करते है उनसे भी कुछ समय के लिए दूरी बनाए रखे।

5. निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी

निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी मतलब निकोटिन गम, पैक्ठेस, और लोजेंजेस का इस्तेमाल करके गुटखा या तबाकू का सेवन छोड़ने में मदद ले सकते है।

6. व्यस्त रहे

अपने लाइफ स्टाइल में व्यस्त (busy) रहे क्युकी आपको गुटखा या तंबाकू की याद न आवे अगर याद आवे तो उसे भूलने की कोशिश करे। नई हॉबी को शुरू करे, कसरत करे, योगा करे किसी भी तरह अपने आपको व्यस्त रखे।

7. तनाव का सामना करे

गुटखा तंबाकू छोड़ने से तनाव बढ़ता है तो उसका सामना करना चाहिए। तनाव का सामना करने के लिए योगा, मेडिटेशन, और रिलेक्सेशन की टेकनीक का इस्तेमाल करे।

8. प्रोफेशनल मदद ले

ये पक्का है की गुटखा तंबाकू छोड़ te वक्त मुश्केली होगी क्युकी ये निकोटिन की लत होती है तो कोई प्रोफेशनल डॉक्टर की मदद ले। गुटखा तंबाकू छोड़ो प्रोग्राम वालो को भी मदद ले जिसे आपको गुटखा तंबाकू छोड़ने में कामयाब हासिल होगी।


Q&A

Q.1: गुटका तंबाकू खाने से क्या बीमारी होती है?

A.1: गुटखा तंबाकू खाने से मुंह और गर्दन का कैंसर, नपुंसकता, दिल की बीमारी, शरीर की कमजोरी और सांस फूलने जैसी भयानक बीमारियां होती है।

Q.2: एकदम गुटखा तंबाकू छोड़ने से क्या होता है?

A.2: एक दम से गुटख तंबाकू छोड़ने से तनाव, सुस्ती, चिड़चिड़ापन जैसे साइड इफेक्ट्स होते है, साथ में अपने शरीर में तंत्रिका में सुधार, मुंह और गर्दन की स्वास्थ्य में सुधार मानसिकता में सुधार होते है।

Q.3: गुटखा तम्बाकू छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए?

A.3: गुटखा तंबाकू छोड़ने के लिए टेपरिंग ऑफ (Tapering Off) टेक्निक का इस्तेमाल करना चाहिए।

Q.4: गुटखा तंबाकू की लत किस वजह से लगती है?

Ans.4: गुटखा तंबाकू की लत तंबाकू में मौजूद निकोटिन की वजह से लत लगती है।

Q.5: 1ग्राम तंबाकू में कितना निकोटिन होता है?

Ans.5: 1ग्राम तंबाकू में निकोटिन की मात्रा 10mg से लेकर 30mg तक होती है।


कंक्लुजन:

मुझे आशा है की आपको इस लेखन के जरिए आपको सही जानकारी मिली होगी। मेरा ये लेखन गुटखा तंबाकू खाने के नुकसान, जानिए पूरी डिटेल्स में जानकारी का उद्देश्य सिर्फ इनफॉर्मेशन देना है। इसे कोई प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न ले। इस लेखन में आपको सभी जानकारी मिलेगी जैसे गुटखा तंबाकू खाने के नुकसान, जानिए पूरी डिटेल्स में जानकारी, गुटखा तंबाकू छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए। आपको ये पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करे ताकि दूसरे को भी भला हो। आज से ही गुटखा तंबाकू छोड़ें। जय हिंद।

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